पंचायत (PANCHAYAT)
PANCHAYAT एक इंडियन कॉमेडी ड्रामा वेब सीरीज जो कि सभी वेब सीरीज से अलग बनी है|जिसमें हम अपने गांव का वर्णन देख सकते हैं, वही छोटी मोटी नोकझोंक, थोड़ी सी मस्ती, कानाफूसी और इसके अलावा बहुत कुछ| यह सभी आपको एक वेब सीरीज के अंदर देखने को मिलता है, वह है "पंचायत"|
JITENDRA KUMAR- Abhishek Tripathi
RAGHUVIR YADAV- Brij Bhushan ( प्रधान)CHANDAN ROY- Vikas (असिस्टेंट सचिव)
FAISAL MALIK- Prahlad Pandey ( प्रधान के मित्र
NEENA GUPTA- Manju Devi( प्रधान की पत्नी)
BISWAPATI SARKAR- Prateek( सचिव के दोस्त)
रामायण के बाद दिल को छू जाने वाली यह पंचायत जिसमें कोटा फैक्ट्री के जीतू भैया इस पंचायत में मेन किरदार में नजर आ रहे हैं उनका किरदार एक सचिव के तौर पर फुलेरा ग्राम पंचायत में किया गया है|
पंचायत के मेन किरदार जिनका नाम अभिषेक त्रिपाठी है वह एक इंजीनियरिंग ग्रैजुएट है जो अच्छी जॉब ना मिलने के कारण फुलेरा ग्राम पंचायत उत्तर प्रदेश में नौकरी करने के लिए आए हैं| पहले ही उन्हें आने में इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा नहीं 40 बार कंडक्टर से पूछने के बाद फुलेरा ग्राम पहुंच पाए| पहुंचने के बाद वह जब ग्राम पंचायत के ऑफिस के बाहर आए, तो उनका स्वागत करने के लिए दो आदमी जिनका नाम प्रहलाद और विकास, वहां 4 मुरब्बा रखे हुए थे| जिसमें से प्रह्लाद एक उठा कर खा लेता है| जिसके बाद विकास जो असिस्टेंट सचिव जो कि कहते हैं| तीन मिठाई प्लेट पर अच्छा नहीं लग रहा है, और फिर यह बोलकर वह एक और मिठाई खा जाते हैं|फिर उसके बाद सचिव जिसका नाम अभिषेक त्रिपाठी होता है वह वहां आते हैं उनके पास एक बाइक उसमें बहुत सारा सामान लगा हुआ होता है| फिर उसके थोड़ी देर बाद ही प्रधान जी जिनका नाम ब्रिज भूषण है वह यहां के प्रधान है वहां आते हैं और मुसीबत साथ लेकर आते हैं |
जिसमें पहली मुसीबत जिसमें प्रधान जी अपने ऑफिस फुलेरा ग्राम पंचायत का चाबी गुम कर देते हैं और उसे खोजने के चक्कर में वह सभी अपने असिस्टेंट सच्ची मुख्य सचिव और खुद भी पूरे खेत खलियान घूमते रहते है और फिर भी चाबी नहीं मिलती है जिसके कारण नहीं चाबी बनवाने का निर्णय लिया जाता है लेकिन जो नए सचिव आए हैं उनका कहना है कि ताला तोड़ दिया जाए जैसे ही उन्होंने यह बोला प्रधान जी ने कहा कि यह मेरे बीवी के मायके से मिला हुआ ताला है उनसे जब तक पूछेंगे नहीं तब तक काला नहीं टूट सकता इसी के बाद विकास जो असिस्टेंट सचिव के तौर पर हैं वह ताले की चाबी बनाने वाले मिस्त्री के पास जाते हैं जिसमें वह सचिव की बाइक मांगते हैं और फिर जब सचिव जी विकास से पूछते हैं कि कितना देर लगेगा हमें ताला काट नहीं चाबी बनवाने के लिए तब हुआ बोलते हैं एक घंटा जाने में और एक घंटा वापस आने में पूरे 2 घंटे लगेंगे फिर वह उसे वह बाइक की चाबी दे देते हैं और जब विकास वापस आते हैं तब वह सचिव जीके बाइक का हेड लाइट तो तोड़ दिए होते हैं जिससे सचिव जी को बहुत बुरा लगता है वह और भी ना खुश हो जाते हैं फिर भी वह उन लोग के साथ हर काम मेरे साथ देते हैं इसी की तरह और भी बहुत कुछ जैसे कि जब ताला तोड़ना का फैसला हो जाता है वह भी मंजू देवी जो प्रधान की पत्नी से पूछ कर ही किया गया है| रात के 7:00 बज रहे हैं अभी तक सचिव जी को रहने के लिए कोई जगह नहीं मिल पाया है फिर फैसला या किया जाता है कि वह फुलेरा ग्राम पंचायत के ऑफिस में ही रहा करेंगे |
पहला भोजन व प्रधान के घर में करते हैं इसी बात पर प्रधान से उनकी बीवी का झगड़ा हो जाता है झगड़ा इस बात पर कि घर में एक जवान बेटी है और आप जिसे जानते भी नहीं, उसे अपने घर में रखने की बात कैसे कर सकते हैं तो प्रधान जी फिर कहते हैं कि कम से कम खाने पर ही बुला लो तो बहुत नाक नुकुर के बाद उनकी पत्नी मान जाती है और जब प्रधान यह समाचार सचिव जी को बोलते हैं तो वह भी बहुत सोच समझकर हां कर देते हैं जब प्रधान और सचिव प्रधान जी के घर पर पहुंचते हैं तब वह बाहर आंगन में बैठकर खाना खाते हैं| खाना परोस देने के बाद सचिव जी खाकर कहते हैं -'खाना बहुत अच्छा बना है'| तब मंजू देवी कहती है-' इतने साल से बना रहे हैं तो अच्छा ही ना बनेगा '| फिर मंजू देवी पूरी लेकर आती हैं सचिव जी से पूछती हैं और लीजिए तो सचिव जी मना कर देते हैं फिर मंजू देवी कहती हैं- ' अभी तो आप कहे थे अच्छा बना है '
सचिव जी थोड़ा घबरा जाते हैं बोलते हैं - दे दीजिए |फिर ऊपर अपने कमरे से रिंकी की आवाज आती है-' मां खाना ला कर दो!' फिर मंजू देवी कहती हैं -'ऊपर ही रहो हम आ रहे हैं तुम्हारा खाना लेकर'| इसी के बाद ही प्रधान को फोन आता है फिर बोलो पंचायत के ऑफिस पहुंचकर देखते हैं दरवाजा टूट गया है ताला तो टूटा ही नहीं| इसी पर विकास कहते हैं-'दरवाजा से ज्यादा ताला ही मजबूत निकला' यह देख कर सब हंस पड़ते हैं| फिर सचिव और प्रधान उसके साथ विकास अंदर आते है और आधे मन से अपना सामान अंदर रखते हैं और सो जाते हैं कल की सुबह नेक्स्ट एपिसोड में|
इसी तरह कहानी आगे बढ़ती चली जाती है जिसमें अलग-अलग पहलू देखने को मिलेंगे चाहे वह शादी में सचिव की कुर्सी ले जाना चक्के वाली कुर्ती चक्के वाली कुर्सी को देखकर सचिव प्रधान जी का मुंह भूल जाना या एजोल का किस्सा मॉनिटर का चोरी होना सच्ची मुच्ची का आम लड़कों के साथ झगड़ा हो जाना और मंजू देवी को राष्ट्रगान सिखाने तक का सफ़र बहुत ही मजेदार रहा धन्यवाद अगर आपको यह पसंद आया तो हमें कमेंट करें और अगर आपने पंचायत देखी है तो आपको जो एपिसोड सबसे अच्छा लगा ,उसके बारे में बताएं और अगर नहीं देखी हैं तो अगर आपको जानने का मन है तो हमारे इस ब्लॉग के जरिए जान सकते हैं सिर्फ कमेंट करके बताएं|





Mast solid but naya cheez post kari
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